रिपोर्ट:
स्वास्थ्य व विज्ञान संवाददाता | 25 जून, 2025
परिचय: डेंगू के खिलाफ एक ऐतिहासिक कदम
भारत सरकार ने डेंगू के खिलाफ लड़ाई में एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। देश की पहली सिंगल-डोज डेंगू वैक्सीन को मंज़ूरी दे दी गई है। इस वैक्सीन का नाम है DenVax-One, और इसे पहले चरण में उच्च जोखिम वाले राज्यों—जैसे केरल, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, दिल्ली और पश्चिम बंगाल—में तत्काल रूप से लॉन्च किया जाएगा।
यह वैक्सीन एक ही खुराक में चारों डेंगू वायरस सीरोटाइप से सुरक्षा देती है और यह सालों तक असरदार बनी रहती है।
तेज़ कार्रवाई, बड़ी राहत
भारत हर साल डेंगू की भयंकर लहर से जूझता है। अकेले 2023 में देश में 2.3 लाख से अधिक डेंगू के मामले सामने आए। गर्मी, बारिश और शहरीकरण ने इसे और फैलाया है।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. अरविंद प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा:
“यह वैक्सीन भारत के लिए एक महत्वपूर्ण हथियार है। एक सिंगल-डोज़ समाधान ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में तेज़ी से टीकाकरण संभव बनाएगा।”
विज्ञान की बड़ी छलांग: एक डोज़, लंबी सुरक्षा
DenVax-One वैक्सीन को भारत इम्यूनोटेक और अंतरराष्ट्रीय शोध संस्थाओं ने मिलकर विकसित किया है। इसके पीछे 5 सालों की मेहनत और 3 चरणों के क्लिनिकल ट्रायल्स हैं।
डॉ. मीनल शाह, जो इस प्रोजेक्ट की प्रमुख वैज्ञानिक रही हैं, बताती हैं:
“ये सिर्फ सुविधा का मामला नहीं है, यह समय की लड़ाई है। जितने लोगों को जल्द सुरक्षा मिले, उतना बेहतर। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को।”
इस वैक्सीन की प्रभावशीलता 82% से अधिक पाई गई है, और साइड इफेक्ट्स हल्के हैं—जैसे हल्का बुखार या इंजेक्शन साइट पर सूजन।
वैक्सीनेशन योजना: तीन चरणों में टीकाकरण
स्वास्थ्य मंत्रालय ने तीन चरणों में टीकाकरण की योजना बनाई है:
-
चरण 1 (जुलाई–अगस्त 2025): कोच्चि, मुंबई, चेन्नई, दिल्ली एनसीआर, और कोलकाता जैसे प्रमुख प्रभावित जिलों में शुरूआत।
-
चरण 2 (सितंबर–अक्टूबर 2025): आस-पास के छोटे शहरों और कस्बों तक विस्तार।
-
चरण 3 (नवंबर से आगे): पूरे देश में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सरकारी अस्पतालों के ज़रिए उपलब्ध।
इसके साथ ही स्कूल आधारित वैक्सीनेशन अभियान भी जुलाई के मध्य से शुरू किया जाएगा। स्वास्थ्यकर्मी, सफाईकर्मी और जोखिम वाले क्षेत्रों के निवासी प्राथमिकता में होंगे।
जनता की प्रतिक्रिया: उम्मीद की किरण
जिन परिवारों ने पहले डेंगू से जूझा है, वे इस वैक्सीन को लेकर बेहद राहत महसूस कर रहे हैं। दिल्ली की रोहिणी निवासी रेखा मेहता कहती हैं:
“पिछले साल मेरा बेटा डेंगू से बहुत बीमार पड़ा था। अब एक ही टीके से सुरक्षा मिलेगी, यह सुनकर दिल को सुकून मिला है।”
सोशल मीडिया पर #DengueVaccineIndia ट्रेंड कर रहा है और डॉक्टर्स, हेल्थ इंफ्लुएंसर्स लोगों को जागरूक करने में जुटे हैं।
चुनौतियाँ भी कम नहीं
विशेषज्ञों का मानना है कि टीकाकरण तभी सफल होगा जब लोगों को इसकी जानकारी दी जाए, विश्वास बनाया जाए और हर कोने तक पहुँच बनाई जाए। खासकर ग्रामीण भारत में, जहाँ टीके को लेकर झिझक और अफवाहें ज्यादा होती हैं।
सरकार इस दिशा में NGO, स्कूल प्रशासन और पंचायतों के सहयोग से जागरूकता अभियान चलाएगी। दीवार लेखन, पोस्टर, मोबाइल क्लीनिक और नुक्कड़ नाटक जैसे साधनों का उपयोग किया जाएगा।
डॉ. प्रसाद कहते हैं:
“वैक्सीन जितनी प्रभावी है, उतनी ही जरूरी है उसे हर नागरिक तक पहुंचाना।”
वैश्विक सराहना: भारत बना ट्रॉपिकल वैक्सीन का अगुवा
DenVax-One की मंज़ूरी के साथ भारत विश्व का पाँचवां देश बन गया है, जिसने खुद की सिंगल-डोज़ डेंगू वैक्सीन को स्वीकृति दी है। WHO और GAVI जैसी संस्थाओं ने भारत के इस कदम की प्रशंसा की है।
यह वैक्सीन अब दक्षिण-पूर्व एशिया और अफ्रीका जैसे डेंगू प्रभावित क्षेत्रों में निर्यात होने की संभावनाएं भी जता रही है।
निष्कर्ष: नई शुरुआत, नई उम्मीद
मानसून के साथ डेंगू के मामले हर साल बढ़ते हैं, लेकिन इस बार भारत तैयार है—एक सशक्त, वैज्ञानिक उपाय के साथ। DenVax-One न केवल चिकित्सा का कमाल है, बल्कि नीति, नियोजन और लोगों के स्वास्थ्य के लिए प्रतिबद्धता का प्रतीक भी है।