“योग फॉर वन अर्थ, वन हेल्थ” की थीम के साथ मनाए गए 11वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस ने वैश्विक एकजुटता की नई मिसाल कायम की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विशाखापत्तनम के रामकृष्ण बीच से इस महामुख्य आयोजन का नेतृत्व करते हुए घोषणा की, “योग सभी सीमाओं – भूगोल, उम्र, क्षमता या पृष्ठभूमि से परे है।”
विशाखापत्तनम में ऐतिहासिक आयोजन
बंगाल की खाड़ी के तट पर 26 किमी के दायरे में:
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30,000 से अधिक प्रतिभागियों ने किया योगाभ्यास
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75 मिनट तक चला विशेष सत्र
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“ओशन सैल्यूटेशन” की नई मुद्राएं
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राज्यपाल एस. अब्दुल नज़ीर और मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने लिया भाग
वैश्विक योग सामंजस्य
दुनियाभर में दिखी योग की एकरूपता:
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जापान: माउंट फ़ूजी के आधार पर 10,000 लोगों ने किया योग
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ब्राज़ील: अमेज़न वर्षावन में विशेष शिविर
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जर्मनी: राइन नदी पर तैरते योग स्टूडियो
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दक्षिण अफ्रीका: केप पॉइंट पर सूर्यास्त सत्र
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा: “योग दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ता वेलनेस आंदोलन बन गया है।”
वैज्ञानिक प्रमाण
WHO की 2025 रिपोर्ट के अनुसार:
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37% कम गैर-संचारी रोगों का खतरा
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29% बेहतर कार्यक्षमता
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42% कम चिंता विकार
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53% सुधार फेफड़ों की क्षमता में
पर्यावरणीय प्रभाव
इस वर्ष की थीम ने उजागर किया:
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कार्बन न्यूट्रल इवेंट्स: वृक्षारोपण के माध्यम से ऑफसेट
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प्लास्टिक-मुक्त मैट: 1.2 मिलियन प्लांट-बेस्ड मैट्स
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डिजिटल साधना: “नमो योग” ऐप के 17 मिलियन डाउनलोड
कोरपोरेट योग क्रांति
कंपनियों ने रिपोर्ट किया:
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टाटा स्टील: 27% कम छुट्टियां
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गूगल इंडिया: 19% रचनात्मकता वृद्धि
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इंफोसिस: $3.2 मिलियन की स्वास्थ्य बचत
युवा योगी
नई शिक्षा नीति 2025 के तहत:
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50,000 स्कूलों में योग लैब
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किशोरों के लिए “योग हैकाथॉन”
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AI-आधारित पोस्चर कोच
पीएम मोदी का विजन
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा: “आज से हर योग मैट शांति का दूत बने, हर सांस हमारे ग्रह की प्रार्थना।”